जब भी कोई व्यक्ति समाज में किसी भी प्रकार से पर शांति को भंग करने का प्रयास करता है या किसी पुलिस अधिकारी को यह अंदेशा होता है कि अमुक व्यक्ति द्वारा सामाजिक शांति को भंग किया जा सकता है तो उक्त पुलिस अधिकारी अमुक व्यक्ति को धारा 107/116 सीआरपीसी के तहत चलानी रिपोर्ट संबंधित परगना मजिस्ट्रेट के न्यायालय में प्रेषित कर देता है और उस रिपोर्ट से परगना मजिस्ट्रेट पूर्ण रूप से संतुष्ट होकर धारा 111 सीआरपीसी का नोटिस जारी करता है और शांति भंग करने में सनलिप्त व्यक्तियों से यह अपेक्षा करता है कि क्यों ना एक निश्चित अवधि के लिए शांति बनाए रखने हेतु निजी बंधपत्र और जमानत से पाबंद कर दिया जाए।
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