भारतीय दंड संहिता की धारा 323 के अनुसार, जो भी व्यक्ति जानबूझ कर किसी को स्वेच्छा से चोट पहुँचाता है, उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास जिसे एक वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, या एक हजार रुपए तक का जुर्माना या दोनों के साथ दंडित किया जा सकता है।
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
-
अभियुक्त की उपस्थिति में मजिस्ट्रेट द्वारा लिया गया और अनु प्रमाणित किया गया या इस अध्याय के अधीन कमीशन पर लिया गया ,सिविल सर्जन या अन्य चिक...
-
क्या आपको पता है पतंग उड़ाने पर हो सकती है जेल:- खुले आसमान के नीचे पतंग उड़ाना तो आपको भी खूब पसंद होगा लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपका य...
No comments:
Post a Comment